प्रेम, खीर और परमात्मा — एक सूक्ष्म अनुभव भारत के पुराने साहित्य में एक कहानी का उल्लेख है | राह चलते किसी सन्यासी को गाँव के किसी परिवार अपने घर बुलाकर भोजन के रूप में खीर खिलाई | सुनने में यह एक बहुत साधारण सी घटना लगती है। लेकिन यदि इसे गहराई से देखा जाए,...
