“माँ”
आज फिर माँ की आँखों में सवाल थे, क्या कोख में इतने माह रखने के बाद भी बस पिता के नाम और वंश को ही चलाएगा उसका बेटा |
खुद के खून से मथकर मख्खन की तरह बने दूध पिलाने के बाद भी क्या उसका कोई वजूद कोई नाम नहीं |
बस पिता के नाम और वंश का उपनाम ही रहेगा उसके बेटे की पहचान |
क्या माँ का नाम, उसकी तपस्या और त्याग की कोई जगह नहीं इस झूठी दुनिया में……….तो फिर ठीक ही ऐसा कहना –
3 comments
Pardeep Pundir
May 10, 2026 at 3:01 pm
Bhau bhadiya likha h ,sandar
Pardeep Pundir
May 10, 2026 at 3:01 pm
Sandar jandar bhaut bhadiya
Raj singh
May 10, 2026 at 3:21 pm
Nice